• नाव के संचालन पर लगी रोक के बाद धरने पर बैठे नाविक।
    नाव के संचालन पर लगी रोक के बाद धरने पर बैठे नाविक।  फोटो- केशव यादव
  • नाविकों ने कहा कि जब तक नाव संचालन पर लगी रोक नहीं हटेगी बेमियादी धरना चलता रहेगा।
    नाविकों ने कहा कि जब तक नाव संचालन पर लगी रोक नहीं हटेगी बेमियादी धरना चलता रहेगा।  फोटो- केशव यादव

जलस्तर बढ़ने के बाद आई बाढ़ के कारण जिला प्रशासन द्वारा गंगा में नाव संचालन पर रोक लगा दी गई थी। अब जब गंगा का जलस्तर घटना शुरू हो गया है तब भी प्रशासन नावों के संचालन पर लगी रोक को हटा नहीं रहा है जिसको लेकर नाविकों में आक्रोश बढ़ रहा है।

 

शनिवार को मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के तत्वावधान में नाविकों और मल्लाहों ने दशाश्वमेध घाट पर जोरदार प्रदर्शन किया और बेमियादी धरने पर धरने पर बैठ गए। हाथों में जिला प्रशासन के विरोध में लिखी तख्तियां लिए नाविक जिला प्रशासन के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे।

 

इस अवसर पर मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद निषाद ने कहा, "प्रशासन के आदेश के बाद सभी नाविकों ने नाव संचालन बंद कर दिया है लेकिन प्रशासन नाविकों के हितों की अनदेखी कर रहा है। लगभग 11 दिनों से नाव संचालन पर लगी रोक के कारण अब नाविकों को रोजी रोटी की दिक्कत होने लगी हैं।"

 

प्रदर्शन कर रहे कलाधर साहनी ने कहा, "जल पुलिस में अभी तक एक भी गोताखोर की नियुक्ति नहीं हुई है। हमारी मांग है कि नाविकों को जल पुलिस में गोताखोर के पद पर नियुक्त किया जाए। नाविक समाज हमेशा बाढ़ और राहत कार्य में पूरी तरह सहयोग करता है लेकिन अधिकारीयों और जल पुलिस द्वारा हमेशा हम लोगों का शोषण किया जाता है।"

 

नाविकों ने जल पुलिस में गोताखोरों में नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि जब तक नाव संचालन पर लगी रोक नहीं हटेगी बेमियादी धरना चलता रहेगा। धरने में प्रमोद माझी, पप्पू माझी, सूरज प्रजापति, सुनील कश्यप, चन्दप्रकाश मांझी और गोपाल मांझी आदि लोग उपस्थित रहे।